A | स्कन्द कुमार शुक्ला, बस्ती। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई के उद्देश्य से जनपद में अब एक अत्याधुनिक साइबर थाना की स्थापना किया जाना है। इसके लिए 3.96 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। , इसके साथ ही थाना निर्माण के लिए भूमि भी जिला प्रशासन ने आवंटित कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक की देखरेख में परियोजना को शीघ्र अमलीजामा पहनाने की दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले कुछ महीनों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। , साइबर थाना केवल जांच का ही केंद्र नहीं होगा, बल्कि यहां पर आम जनता के लिए साइबर जागरूकता शिविर भी समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे। स्कूल, कालेज, और व्यापारिक संगठनों को भी इससे जोड़ा जाएगा ताकि साइबर अपराधों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जा सके। , लंबे समय से साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को लेकर स्थानीय स्तर पर एक अलग इकाई की मांग की जा रही थी। अब साइबर थाने की स्थापना से उम्मीद है कि साइबर अपराधों पर नियंत्रण लगेगा और जनता को त्वरित न्याय मिलेगा। , इस साइबर थाने में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए एक विशेष तकनीकी टीम तैनात की जाएगी, जो आनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराध, बैंक फ्राड, हैकिंग, फर्जी वेबसाइट, ई-कामर्स धोखाधड़ी जैसी घटनाओं की तत्काल जांच कर सकेगी। थाने में एक विशेष फारेंसिक लैब, डिजिटल सर्विलांस सिस्टम, और डेटा एनालिटिक्स यूनिट भी स्थापित किए जाने की योजना है। , जिला प्रशासन 0. 210 हेक्टेयर भूमि कृषि विज्ञान केंद्र के बगल में कोइलपुरा गांव में साइबर थाना के लिए भूमि आवंटित हो गई है। जनपद में साइबर थाने की स्थापना से इन मामलों की जांच में गति आएगी और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई संभव होगी। डीपीआर को स्वीकृति मिलते ही निर्माण एजेंसी को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। , कोशिश है कि वर्ष 2026 की छमाही तक थाना पूरी तरह से चालू हो जाए। साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। : अभिनन्दन, पुलिस अधीक्षक, बस्ती 。 由你来说:《GTA6》再次出现全新泄露,这次尺度太大非常辣眼。